बाबरी मस्जिद को इस देश सबसे बड़ा घोर विवादित मसला कहा जाता है, एक ऐसा विवादित मसला जिसपर अंग्रेजी शाशन से पहले कोई विवाद नहीं था, लेकिन अंग्रेजी शाशन के अंतिम चरण में और देश की आजादी के बाद rss द्वारा जान-बूझ कर झूटी कहानी बना बनाकर इस मसले पर विवाद खड़ा किया गया, और एक सोची समझी प्लानिंग के तहत बाबरी मस्जिद में राम का जनम कराया गया, ये एक हकीकत है जिसका सबूत भी मौजूद है,
इस विडियो में:-
मौलाना अब्दुल कलाम आजाद और गांधी जी का सपना था कि हिन्दुस्तान पर सभी जाती के लोगो का सामान अधिकार हो, सब मिलजुल कर इस देश पर राज करे और अपना विकास करे, और शायद नजदीक ही था कि आजादी के बाद इस देश में सभी जाती के लोग मिल-जुल कर राज करते,
लेकिन ये सपना साकार ना हो सका वजह थी rss, देश के बटवारे के बाद इस देश में सिर्फ rss ही एक ऐसा ग्रुप बचा था जिसके सम्बन्ध साम्प्रदायिकता से थे, इसी ग्रुप ने आजादी के बाद सबसे पहले महात्मा गाँधी की जान ली, जैसे की इस ग्रुप का नाम है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ये नाम सुनकर तो ये ग्रुप बड़ा सीधा लगता है, लेकिन इश्क और मुश्क छुपाये नहीं छुपते और यही हुवा,
rss और साम्प्रदायिकता के प्रेम सम्बन्ध भी जियादा दिन नहीं छुप सके, शीघ्र ही साम्प्रदायिकता और rss के अवैध संबंधो के फलस्वरूप rss ने एक गर्भ धारण किया, साम्प्रदायिकता और rss के अवैध संबंधो के चलते rss के गर्भ से बाबरी मस्जिद के गुम्बद के नीचे एक और काल्पनिक राम का दुबारा जनम हुवा, rss की इस अवैध संतान का पैदा होना आजाद हिन्दोस्तान के लिए सबसे बड़ा श्राप साबित हुवा, क्योकि जबसे बाबरी मस्जिद में इस काल्पनिक राम का जनम हुवा है तब से लेकर आजतक हिन्दोस्तान में दहशतगर्दी का बोलबाला रहा है, समय समय पर जगह जगह दंगे होते रहते है, सरे-आम इंसानियत का क़त्ल होता है, मजलूमों का खून बहता है, मासूमो की जान जाती है, माँ बहनों की इज्ज़त से खेला जाता है, इन कामो में सदैव rss और उसके सहयोगियों का ही हाथ होता है, और ये सारा अधर्म बड़ी ही शान से धरम के नाम पर किया जाता है,
और ये मसला भी अब बाबरी मस्जिद तक ही सिमित नहीं है, क्योकि rss और साम्प्रदायिकता के अवैध सम्बन्ध अभी ख़तम नहीं हुवे है और इन दरिंदो को बहाना तो चाहिये दहशत फ़ैलाने का इसलिए बाबरी मस्जिद का मसला अगर ख़तम भी हो गया तो rss के गर्भ से जल्द ही मथुरा का कृष्ण जनम भूमि या तेजोमय महल नामक मसला या अन्यकोई मसला शीघ्र जनम ले सकता है,
यही सच्चाई है इनकी
इसलिए किसी और से कुछ कहने से पहले मै अपनी कौम से बस इतना ही कहना चाहुगा:-
मुल्क की सूरत बदल जाने के बाद!!!
जुल्म और जिल्लत में ढल जाने के बाद!!!
ऐ मेरी मिल्लत तू आँखे खोल अब""
घर तेरा दंगो में जल जाने के बाद!!!
देख रोती है कोई माँ चीख कर""
पेट पर खंज़र वो चल जाने के बाद!!!
देती है कोई बहन तुझको सदा""
आबरू इज्ज़त निकल जाने के बाद!!!
रो रहे बच्चे है आर बूढ़े ज़ईफ़""
बेसहारो में वो ढल जाने के बाद!!!
और कितनो का बहेगा खून यु""
बेगुनाह बनकर कुचल जाने के बाद!!!
अब भी तू कोशिश क्यों कुछ करता नहीं""
कौम पर शमशीर चल जाने के बाद!!!
क्या कहेगा रब से मुसलमान तू""
उस खुदा के पास कल जाने के बाद!!!
जुल्म सहना भी है खुदमे एक गुनाह""
छीन अपना हक निकल जाने के बाद!!!
बस यही 'अफरोज' की है इल्तेजा ""
हक जता मिटटी में पल जाने के बाद!!!
Naseem Nigar Hind
